व्यंग!सोशल

चरस बोना आपने शुरु किया तो इसके गुण-अवगुण भी आपको झेलने होंगे ..

सोशल मीडिया नें जो चरस बोया है उसे काटने के लिए पूरी मानवता तैयार रहे

देशभक्ति दिखावे की वस्तु नहीं है जीने का जज्बा है। सोशल मीडिया नें जो चरस बोया है उसे काटने के लिए पूरी मानवता तैयार रहे।
भद्दे कमेंट,गालियाँ, अश्लील चित्र जो धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं एक दूसरे पर दोषारोपण से आपके धार्मिक होने का पता नहीं चलता।पता चलता है कि आप स्वयं में अशांत आत्मा हैं और आपके आत्मा का सूरज डूब गया है। धर्म आज तक आप तक नहीं पहूँच सका।
धर्म गूंगे का गुड़ है उसका आस्वादन करने वाला व्यक्ति धर्म च्यूत कदापि नहीं हो सकता।

उसके सामीप्य के प्रभा पुंज से सारा अंधकार तिरोहित हो जाता है। मरकटों में भी वह शक्ति आ जाती है कि वह रावण की स्वर्ण लंका को भष्मीभूत कर सकता है। पत्थरों में तैरने की शक्ति आ जाती है। अंगद का पैर महादानव भी नहीं डिगा सकता।

विरोध के लिए विरोध और भक्ति के लिए विरोध दोनों स्थितियाँ घातक हैं।

आप अनजाने अपने हाथों अपनी कब्र खोद रहे हैं।
सबसे पहले तो स्वयं में पड़ी दरारों को पाटिऐ।
यथार्थ की जमीन पर सबको फलने फूलने दीजिए।
कोई सत्ता आपकी समस्या का समाधान नहीं आपकी सत्ता ही आपकी समस्या का समाधान है।
भेड़ों के झुंड अक्सर सिंह के आक्रमण के समय बिखर जाते हैं।

आप ही सिंह है और आप ही भेंड़, फैसला भी आपका ही है।

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