Big NewsBreaking NewsMadhubaniPatna

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नामपर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़….

शिक्षा विभाग के मिलीभगत से बिना प्रस्वीकृती के चल रहे है दर्जनों प्राइवेट स्कूल.../...

मधुबनी | 

घोघरडीहा । प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न भागों में कुकुरमुत्ते की तरह निजी विद्यालय खुल गई है। जंहा शिक्षा के नामपर अधकचरा ज्ञान परोसा जा रहा है। जिस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे है। इसी का परिणाम है कि शिक्षित बेरोजगारों के लिए प्राइवेट स्कूल कमाई का मुफीद जरिया बन गया है। चार से पांच शिक्षित बेरोजगार मिलकर एक से दो रूम का एसवेस्ट्स या फिर फुस का घर भाड़े पर लेकर या स्वंय बनाकर निजी स्कूल खोल लेते है। जंहा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के नामपर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है। निजी स्कूल संचालकों की पहली प्राथमिकता चमक धमक दिखाकर अभिभावकों से  मोटी फीस वसूलना रहता है,न कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना। प्रखंड क्षेत्र में करीब आधा दर्जन निजी स्कूल को सरकारी प्रस्वीकृती प्राप्त है। जबकि दर्जनों प्राइवेट स्कूल बिना प्रस्वीकृती के चल रही है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी बढ़ी हुई है। बताया जाता है कि प्राइवेट स्कूल के संचालक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नामपर अभिभावकों को झांसा देकर उससे मोटी फीस वसूलते है। वही दूसरी ओर निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकतर छात्रों का नामांकन आसपास के सरकारी स्कूल में भी रहता है। लेकिन वे पढ़ाई करने प्राइवेट स्कूल में जाते है। जिसका सीधा लाभ सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को होता है। जिसके आर में छात्रों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर मध्याह्न भोजन की पूरी राशि हज़म कर जाते है। इस तरह छः से 14 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत चल रहे सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगना लाजमी है। इस खेल में शिक्षा विभाग के कनीय से लेकर वरीय अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है ||

NBL Madhubani

"है जो जमीर जालिम उसे बेनकाब कर दे,ये खामोशी तोड़ दे तू इंकलाब कर दे"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×

बिहार की खबरों से रहे अपडेट

Close