Big NewsBreaking NewsMadhubaniNATIONALPatna

झंझारपुर लोकसभा सीट: क्या फिर सियासी प्रयोगों का केंद्र बनेगी ये हाईप्रोफाइल सीट ??

झंझारपुर की राजनीति में श्यामनंदन मिश्र, भोगेंद्र झा, जगन्नाथ मिश्रा, धनिक लाल मंडल एवं गौरीशंकर राजहंस जैसे नेता सक्रिय रहे हैं. लेकिन तमाम बड़े नेताओं के प्रतिनिधित्व के बावजूद बेरोजगारी, पलायन और पिछड़ेपन आज भी झंझारपुर का पर्याय है..../.....

मधुबनी | 

बिहार में मिथिलांचल की तीन लोकसभा सीटों मधुबनी, झंझारपुर और दरभंगा में झंझारपुर का सियासी इतिहास काफी रोचक रहा है. कोसी और कमला की गोद में बसा झंझारपुर इलाका मधुबनी जिले का हिस्सा है लेकिन अलग जिले की मांग यहां लगातार तेज हो रही है. इसी इलाके से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा जीतकर संसद और बिहार के सीएम की कुर्सी पर विराजमान हुए. वर्तमान में यहां से सांसद हैं भाजपा के बीरेन्द्र कुमार चौधरी. ये इलाका कभी आरजेडी और जेडीयू के नेता रहे देवेंद्र प्रसाद यादव का भी गढ़ रहा है जो पांच बार यहां से चुनकर संसद गए और केंद्र में मंत्री भी बने. यहां के वोटरों ने 2014 में पहली बार भाजपा को जीत दिलाई. सांसद बीरेंद्र कुमार चौधरी से पहले यहां की राजनीति में श्यामनंदन मिश्र, भोगेंद्र झा, जगन्नाथ मिश्रा, धनिक लाल मंडल एवं गौरीशंकर राजहंस जैसे नेता सक्रिय रहे हैं. लेकिन तमाम बड़े नेताओं के प्रतिनिधित्व के बावजूद बेरोजगारी, पलायन और पिछड़ेपन आज भी झंझारपुर का पर्याय है. राजनीतिक पृष्ठभूमि 1972 में इस सीट के अस्तित्व में आने का बाद हुए चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार जगन्नाथ मिश्रा यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे. 1980 के चुनाव में जनता पार्टी(एस) के धनिक लाल मंडल यहां से चुने गए. 1984 के चुनाव में कांग्रेस के धनिकलाल मंडल को झंझारपुर की जनता ने चुना. इसके बाद 1989 में जनता दल के टिकट पर देवेंद्र प्रसाद यादव चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की. फिर 1991, 1996, 1999 और 2004 के चुनावों में भी उन्हें जीत मिली. पहले के तीन चुनाव देवेंद्र प्रसाद यादव ने जनता दल उम्मीदवार के रूप में जीता. बीच में 1998 के चुनाव में आरजेडी के सुरेंद्र प्रसाद यादव यहां से जीते. 1999 और 2004 के चुनाव में देवेंद्र प्रसाद यादव आरजेडी के टिकट पर लड़े और चुनाव जीता. 2009 के चुनाव में झंझारपुर की जनता ने जेडीयू उम्मीदवार मंगनीलाल मंडल के सिर जीत का सेहरा बांधा. लेकिन 2014 के मोदी लहर में बीजेपी उम्मीदवार बीरेंद्र कुमार चौधरी को यहां का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. इस सीट का समीकरण झंझारपुर संसदीय क्षेत्र जनता दल का मजबूत गढ़ माना जाता है. जनता दल परिवार से निकलीं पार्टियों आरजेडी-जेडीयू के उम्मीदवारों ने यहां बारी-बारी से जीत का परचम लहराया. इस संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 1,418,977 है. इसमें पुरुष वोटर 757,310 और महिला वोटर 661,667 हैं.

यह भी पढें-

दवेंन्द्र प्रसाद यादव कल झंझारपुर से नामांकन करेंगे, चुनाव के लिए 1 वोट और चुनाव खर्चे के लिए 1 नोट की मांग की….

विधानसभा सीटों का समीकरण – 

झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं- खजौली, बाबूबरही, राजनगर, झंझारपुर, फूलपरास और लौकहा. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 सीटों में से 3 पर जेडीयू, 2 पर आरजेडी और एक सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की.

2014 चुनाव का जनादेश – 

16वीं लोकसभा के लिए झंझारपुर सीट पर 2014 में हुए चुनाव में बाजी बीजेपी के हाथ लगी थी. बीजेपी के उम्मीदवार बीरेंद्र कुमार चौधरी ने जीत हासिल की. बीरेंद्र कुमार चौधरी को 335481 वोट मिले. जबकि आरजेडी के मंगनी लाल मंडल को 280073 वोट मिले. तीसरे नंबर पर रहे जेडीयू के उम्मीदवार देवेंद्र प्रसाद यादव. जिन्हें 183598 वोट मिले.

झंझारपुर लोकसभा से शिव सेना प्रत्याशी देव नरायण मंडल का साक्षात्कार देखें-

झंझारपुर लोकसभा से शिव सेना प्रत्याशी #देव_नरायण_मंडल लाईव…

Posted by News Bihar on Saturday, March 30, 2019

सांसद का रिपोर्ट कार्ड – 

4 मई 1953 को जन्में बीरेंद्र कुमार चौधरी शिक्षित जनप्रतिनिधियों में गिने जाते हैं. उन्होंने एमए, एलएलबी किया हुआ है. संसद में उनकी उपस्थिति 97 फीसदी है. विभिन्न मुद्दों पर 38 बहसों में उन्होंने हिस्सा लिया. उन्होंने 33 सवाल पूछे. अपने सांसद निधि के 87 फीसदी फंड का उन्होंने इस्तेमाल किया. 51 लाख की संपत्ति की घोषणा उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में किया है. उद्योग मामलों की संसदीय समिति, सड़क-परिवहन और हाईवे-जहाजरानी मंत्रालय की सलाहकार समितियों के भी वे सदस्य रह चुके हैं |

वर्तमान चुनाव में राजद उम्मीदवार के तौर पर झंझारपुर विधान सभा के विधायक गुलाब यादव चुनावी मैदान में है, वहीं जनता दल यूनाइटेड से खुटौना प्रखंड के प्रखंड प्रमुख रामप्रीत मंडल चुनावी मैदान में है, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महत्वपूर्ण घटक दल शिवसेना ने भी इस सीट पर अपने उम्मीदवार के तौर पर देवनारायण मंडल को मैदान में उतारा है , वहीं अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार 15 से अधिक प्रत्याशी एनआर ले चुके हैं ,मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है,चुकी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व कद्दावर नेता देवेंद्र प्रसाद यादव का झंझारपुर लोकसभा से 1 अप्रैल को नामांकन भरने की घोषणा करना कहीं ना कहीं मुकाबला त्रिकोणीय बनती जा रही है | जातीय समीकरण इस सीट पर बेहद अहम, मतदाता मालिक ने भी चुप्पी साध रखी है, कोई भी खुलकर यह बताने को तैयार नहीं है कि वोट किसको करेंगे लेकिन किस प्रत्याशी को कौन से मतदाता वोट करेंगे कमोबेश सभी मतदाताओं ने तय कर लिया है लेकिन कोई भी अपना वोट किसको देंगे यह बताने से परहेज कर रहें हैं | इसलिए कौन मुकाबला जीत ले यह कहना अभी जल्दी होगा | क्योंकि चुनाव परिणाम आना शेष है | इसलिए क्या फिर सियासी प्रयोगों का केंद्र बनेगी ये हाईप्रोफाइल सीट ??

ब्युरो रिपोर्ट : केशव झा

 

NBL Madhubani

"है जो जमीर जालिम उसे बेनकाब कर दे,ये खामोशी तोड़ दे तू इंकलाब कर दे"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×

बिहार की खबरों से रहे अपडेट

Close