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नये साल मिलेगी सौगात, रेल महासेतु के रास्ते मिथिलांचल से जुड़ेगा सहरसा

मधुबनी | नये साल मिलेगी सौगात, अगले साल रेल महासेतु के रास्ते मिथिलांचल से सहरसा जुड़ेगा। सरायगढ़ से छातापुर रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। रेल महासेतु के रास्ते निर्मली तक ट्रेन पहुंचने पर मिथिलांचल के झंझारपुर और घोघरडीहा तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

समस्तीपुर होकर दरभंगा जाने में अभी लगने वाले समय की झंझारपुर से पहुंचने पर बचत होगी। सड़क मार्ग से कम भाड़ा लगेगा। सरायगढ़ से छातापुर तक ट्रेन सेवा बहाल होने पर वर्षों से रेल आवागमन का लोगों का इंतजार खत्म होगा। बड़ी संख्या में आबादी को फायदा पहुंचेगा।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ) ब्रजेश कुमार ने कहा कि इस महीने के अंत तक सुपौल से सरायगढ़ तक आमान परिवर्तन कार्य पूरा करने की योजना है। अगले साल जनवरी में सीआरएस निरीक्षण कराकर सहरसा से सरायगढ़ तक ट्रेन सेवा बहाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरायगढ़ से झंझारपुर होते निर्मली और सरायगढ़ से छातापुर तक आमान परिवर्तन कार्य मार्च 2020 तक पूरा कराने की कोशिश है। अभी सरायगढ़-निर्मली के बीच दो साल पहले बह गए दो पुल (नंबर 5 व 7)  का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

सरायगढ़-छातापुर के बीच सिर्फ एक पुल का निर्माण बाकी…-

सरायगढ़ से छातापुर के बीच 34 किमी में आमान परिवर्तन कार्य डिप्टी चीफ इंजीनियर (निर्माण) संजय कुमार की मॉनिटरिंग में तेजी से चल रहा है। सरायगढ़ से छातापुर के बीच 18 बड़े और 47 छोटे पुल कुल 65 पुल में सिर्फ एक का काम बचा है। राघोपुर में बने नए स्टेशन बिल्डिंग का प्लास्टर कार्य किया जा रहा है। ललितग्राम में भी स्टेशन बिल्डिंग बन गयी है। प्रतापगंज में 15 दिसंबर तक छत ढलाई करने की तैयारी है। प्लेटफॉर्मों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरायगढ़ से राघोपुर तक पटरी बिछा दी गई है। सरायगढ़ की तरफ से चार किमी दूरी में ट्रैक लिंकिंग पूरा कर लिया गया है।

मार्च 2021 में फारबिसगंज तक पूरा होगा आमान परिवर्तन कार्य…-

मार्च 2021 में छातापुर से फारबिसगंज तक आमान परिवर्तन कार्य पूरा करने की योजना है। सीएओ ने कहा कि छातापुर से फारबिसगंज के बीच काफी संख्या में बड़े-बड़े पुलों का निर्माण होने के कारण आमान परिवर्तन कार्य पूरा होने में समय लग रहा है। इस रेलखंड को मार्च 2021 तक पूरा करने की योजना है। बता दें कि सरायगढ़ से फारबिसगंज तक 31 बड़े और 92 छोटे पुल हैं। छातापुर से आगे चार बड़े पुल का टेंडर फाइनल हो गया है।

पड़ोसी देश नेपाल की सीमा तक ट्रेन से पहुंच जाएंगे कोसीवासी….-

वर्ष 2021 में पड़ोसी देश नेपाल की सीमा तक ट्रेन से कोसीवासी पहुंच जाएंगे। मार्च 2021 में लौकहा तक आमान परिवर्तन कार्य पूरा करने की योजना है जो नेपाल सीमा समीप कुनौली के पास है। उधर फारबिसगंज भी नेपाल सीमा के करीब ही है। ऐसे में नेपाल जाने में भी कम खर्च और समय की बचत होगी ||

NBL Madhubani

"है जो जमीर जालिम उसे बेनकाब कर दे,ये खामोशी तोड़ दे तू इंकलाब कर दे"

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