Patna

कृष्ण बने तेजप्रताप को मिली राधा, लिखा ऎसा पत्र …

NBL पटना : प्रिये प्राणनाथ (मेरे और बस मेरे ), पता नहीं कैसे करू खत की शुरूआत, यहाँ तक की यह भी लगता की शायद मेरा नाम देखते ही आप मेरे खत को पढ़ने से इंकार कर देंगे। लेकिन कृष्णा जी पर भरोसा करते हुए मैं आपसे कुछ बोलना और आपको कुछ समझना चाहती हु। आप गुस्सा है मुझसे , ना ही आप बात करना चाहते है , लेकिन मैं अपनी भावनाओं को कैसे समझाऊ। बहुत सपने देखे थे मैंने अपने शादी के लिए , बचपन से ही शादी का था इंतज़ार जैसा की हर लड़की को रहता है। सोचती थी ख्यालो में आखिर कौन होगा मेरा राजकुमार , उस समय ऐसा बिल्कुल नहीं पता था की ऐसे शादी के चंद महीनों में ही टूट जाएगी मेरी शादी।

तेज जी मालुम है काफी नाराज है आप मुझसे , मैं ये नहीं बोलती की मेरे तरफ से कोई गलती नहीं दिखी होगी आपको , लेकिन फिर भी मुझे लगा था की अपनी नयी नवेली दुल्हन को जरूर समझेंगे। जब मैंने माँ बाप का घर छोड़ कर अपने ससुराल का रूख किया तब ही सोच लिया था की आपको जीवन का वो हर सुख दूंगी। आपके परिवार को अपंने परिवार की तरह मानूंगी। लालू जी को पिता के तौर पर , और राबड़ी देवी को माता के तौर पर उनकी सेवा करुँगी। पता नहीं हमारे रिश्ते को किसकी नज़र लग गयी , वो ऐसे बिखर गया। हरवक्त भगवान से बस यही मानती हु की आप वापस आजाये , तलाक की अर्जी के बाद तो आपको देखे हुए भी महीनों बीत गए। देखा तक कल आपका फुटेज जब आप कोर्ट से निकल रहे थे , मैं आपके उस झलक के लिए कितने दिनों से बैठी हु शायद इसका अंदाज़ा आप बिलकुल नहीं लगा सकते।

तेज जी हर शादी में उतार चढ़ाव होते हैं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं की इंसान तलाक दे। तलाक भी आखिर तो न जब मेरी भी इक्क्षा होती। लेकिन यहाँ तो एकतरफा रिश्ता तोड़ रहे हैं आप। ” आप तो रह लेंगे मेरे बिना अपने कृष्णा के साथ , लेकिन मेरा क्या क्योकि मेरे तो कृष्णा भी आप ही है , जो की मुझसे रूठा है” । मैं आपकी राधा ना सही लेकिन मेरे कृष्णा आप ही हो ,लेकिन बोलते हैं न भगवान् के घर देर है अंधेर नहीं। भरोसा है मुझे अपने भगवान् पर की वो एक आपको जरूर समझाएगा और आप वापस आजाएंगे मेरे पास।आखिर में बस यही बोलूंगी आप जहा रहे हमेशा खुश रहे। आपकी पत्नी ऐश्वर्या

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