राघोपुर;
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर शुक्रवार को सुपौल के नगर पंचायत सिमराही बाजार करजाईन रोड स्थित फिरदौश जमा मस्जिद के सामने नमाजियों ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में काली पट्टी बांधकर मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध जताया और सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की।

करीब डेढ़ बजे अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के बाद नगर निवासी मो. नूर आलम, मो. अख्तर, मो. अपताब, मो. नज़ीर, मो. साहेब, मो. जावेद, मो. शाहनवाज, नोमान अहमद, मो. हाशिम, मो. असफाक, मो. अकरम, मो. नुरुल्ला, मो. जिया उल चांद समेत अन्य लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वक्फ संपत्तियां समाज के कल्याण के लिए होती हैं और इन्हें दानकर्ताओं की मंशा के अनुरूप ही उपयोग में लाया जाना चाहिए। मो. आफताब ने कहा कि “हमारे बुजुर्गों ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, यात्री निवास, गरीबों और विधवाओं के लिए वक्फ संपत्तियां समर्पित की हैं। इनका सही उपयोग सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”

प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि वक्फ की सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी है और यह मुद्दा धार्मिक व सामाजिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। कहा कि देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शांतिप्रिय तरीके से नाराजगी जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस विधेयक को जल्द से जल्द वापस लेने के मांग की।
खबरें और भी है….





