दहेज लोभियों की क्रूरता: नवविवाहित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, छह महीने की मासूम बच्ची हुई अनाथ

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राधोपुर, सुपौल

सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेफरल अस्पताल राघोपुर में सोमवार की संध्या एक नवविवाहिता की संदेहास्पद मौत की खबर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जा रहा है कि उक्त नवविवाहिता की मृत्यु संदेहास्पद स्थिति में हुई, जिसे कुछ अज्ञात लोगों ने अस्पताल में छोड़ दिया। मृतिका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर हत्या करने का आरोप लगाया है।

अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों के अनुसार, जब नवविवाहिता को अस्पताल लाया गया, तब वह मृत अवस्था में थी और उसके नाक से झाग निकल रहा था। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

शादी के बाद से मिल रही थी प्रताड़ना

मृतिका की पहचान समीना खातून (24) के रूप में हुई है, जो नगर पंचायत सिमराही वार्ड 11, रामपुर निवासी मो. नसरुल की पुत्री थी। करीब तीन वर्ष पूर्व समीना की शादी पिपरा थाना क्षेत्र के दुबियाही पंचायत वार्ड 19 निवासी मो. अंसारुल (26) से हुई थी। मृतिका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में ससुराल पक्ष द्वारा एक लाख रुपये की मांग को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा। दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था और आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी।

आखिरी कॉल के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश

परिजनों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे समीना ने मायके फोन कर बताया कि उसे सिर में बहुत चक्कर आ रहा है और वह मायके आना चाहती है। लेकिन लगभग 4 बजे उसके पिता के पास रेफरल अस्पताल से किसी ने फोन कर बताया कि एक महिला मृत अवस्था में पड़ी है और उसके हाथ पर लिखे नंबर से संपर्क किया गया है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने समीना को मृत अवस्था में पाया। चश्मदीदों ने बताया कि उसे एक टेम्पो से लाया गया था, जिसमें चार युवक सवार थे। लेकिन जब कुछ स्थानीय मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछताछ की, तो वे अस्पताल में शव छोड़कर फरार हो गए।

थानों के चक्कर में परेशान परिजन

मृतिका के पिता ने बताया कि 10 दिन पहले भी उसकी बेटी के साथ ससुराल पक्ष ने मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद जब परिजनों ने शिकायत दर्ज करानी चाही तो राघोपुर थाना और पिपरा थाना एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहे। राघोपुर थाना ने कहा कि मामला पिपरा थाना क्षेत्र का है, जबकि पिपरा थाना ने कहा कि शव राघोपुर अस्पताल से बरामद हुआ है, इसलिए प्राथमिकी वहीं दर्ज होगी।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

राघोपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि घटना स्थल की पुष्टि नहीं हो पा रही है, इसलिए प्राथमिकी पिपरा थाना में दर्ज होनी चाहिए। कहा कि वरीय अधिकारी के निर्देश का पालन किया जाएगा। वहीं, पिपरा थानाध्यक्ष ने कहा कि जब तक राघोपुर थाना से आवेदन फॉरवर्ड नहीं किया जाता, तब तक वे प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकते। इस प्रशासनिक खींचतान के कारण दिनभर मृतिका के परिजन इधर-उधर भटकते रहे और अंततः सुपौल एसपी से मामले की शिकायत की।

छह माह की बच्ची हुई अनाथ

मृतिका समीना की छह महीने की बच्ची है, जो अब अनाथ हो गई है। परिजनों का कहना है कि वे अब न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से गुहार लगाएंगे ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

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News Bihar Live
Author: News Bihar Live

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