लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित, अब राज्यसभा में पेश होगा

SHARE:

नई दिल्ली

लोकसभा ने बुधवार देर रात बहुमत से वक्फ संशोधन विधेयक पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। सदन ने विपक्ष के सभी संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। अब यह विधेयक आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

वक्फ विधेयक पर लोकसभा में सत्तापक्ष बनाम विपक्ष।

धर्म में हस्तक्षेप नहीं, संपत्तियों के प्रबंधन पर जोर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा की शुरुआत करते हुए स्पष्ट किया कि विधेयक का उद्देश्य किसी धर्म में हस्तक्षेप नहीं, बल्कि वक्फ की संपत्तियों के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पुराने कानून की विवादास्पद धारा 40 को हटा दिया गया है, जो वक्फ बोर्ड को किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित करने का अधिकार देती थी।

गृह मंत्री का विपक्ष पर तुष्टीकरण का आरोप विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत में मुगलकालीन व्यवस्थाओं को कायम नहीं रखा जा सकता। शाह ने 2013 में यूपीए सरकार द्वारा किए गए संशोधन की आलोचना करते हुए इसे अराजकता फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लालू यादव की उस समय की मांग को पूरा कर रही है, जब उन्होंने वक्फ कानून को अन्यायी करार दिया था।

सरकार का वक्फ मामलों में दखल नहीं

अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड, जो धार्मिक उद्देश्यों के लिए बनाया गया ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वक्फ ट्रस्ट मुस्लिम समाज के लिए है और इसमें गैर-मुस्लिमों की कोई भूमिका नहीं होगी।

विपक्ष ने जताई आपत्ति

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इस संशोधन से मुकदमेबाजी बढ़ेगी और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर प्रभाव पड़ेगा।

ओवैसी ने किया विरोध, विधेयक की प्रति फाड़ी एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक को अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर हमला बताते हुए सदन में इसकी प्रति फाड़ दी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह संशोधन समुदाय को कमजोर करने की साजिश है।

सरकार का तर्क: संपत्ति विवादों में पारदर्शिता जरूरी

सरकार का कहना है कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों का निपटारा प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि देश में सभी को कानून का पालन करना होगा और किसी भी विशेष संस्था को अपवाद नहीं बनाया जा सकता।

अब इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इस पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

खबरें और भी हैं…..

News Bihar Live
Author: News Bihar Live

Leave a Comment

error: Content is protected !!