राघोपुर संवाददाता;
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में सुपौल जिला के राघोपुर प्रखंड निवासी प्रिया प्रेरणा ने थांग-टा (तलवारबाजी) खेल में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है। प्रिया ने इस प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए मणिपुर को हराया।

प्रिया प्रेरणा राघोपुर प्रखंड के राघोपुर पंचायत वार्ड 2 की निवासी हैं। उनके माता-पिता अनुराधा कुमारी और हरिशंकर खिरहरी एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। तीन बहनों में प्रिया दूसरी संतान हैं। परिवार में उनकी सफलता से खुशियों का माहौल है।
प्रिया वर्तमान में ललित बालिका विद्यापीठ, गनपतगंज में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में इसी विद्यालय से प्रथम श्रेणी में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी उनकी गहरी रुचि है। प्रिया को वर्ष 2023 से प्रशिक्षक सुष्मिता सिंह द्वारा थांगटा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुष्मिता सिंह जिला थांगटा संघ की सचिव भी हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रिया ने इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
थांगटा मणिपुर का एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है जिसमें तलवारबाजी का प्रदर्शन किया जाता है। प्रिया की निपुणता और समर्पण ने बिहार का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया। जिला, राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रिया ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
प्रिया की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे राघोपुर और बिहार के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी मेहनत और समर्पण ने साबित कर दिया कि यदि हौसले बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। प्रिया अब इस क्षेत्र की लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के तहत गया के बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (BIPARD) में आयोजित थांग-टा प्रतियोगिता बुधवार को संपन्न हुई। इस पारंपरिक मार्शल आर्ट में मेजबान बिहार ने पहली बार दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। बिहार की प्रिया प्रेरणा और माहिका कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिससे राज्य गौरवान्वित हुआ। प्रतियोगिता में कुल आठ स्वर्ण पदक दांव पर थे, जिनमें से मणिपुर ने तीन, बिहार और असम ने दो-दो और मध्य प्रदेश ने एक स्वर्ण पदक जीता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार स्वदेशी खेलों जैसे थांग-टा, मल्लखंब, गतका, कलरिपयट्टु और योगासन को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी कर रहा है और यदि ऐसा होता है, तो इन पारंपरिक खेलों को ओलंपिक में शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे।
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