पटना। विशेष प्रतिनिधि।
बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। इस बार इसकी वजह किसी नेता का बयान या दलों के बीच जुबानी जंग नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में कराए जा सकते हैं। चूंकि राज्य विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए निर्वाचन आयोग को उससे पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
त्योहारों को ध्यान में रखकर तय होंगी तारीखें
दीवाली और छठ महापर्व को देखते हुए चुनाव आयोग मतदान की तारीखों को लेकर सावधानी बरत रहा है। संभावना है कि मतदान अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में संपन्न हो सकता है। वर्ष 2020 में भी तीन चरणों में चुनाव कराए गए थे—28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को—जबकि मतगणना 10 नवंबर को हुई थी।
आयोग की तैयारियां जोरों पर
मुख्य चुनाव आयुक्त जून माह में बिहार दौरे पर आने वाले हैं। चुनाव की सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में हुई खामियों से सीख लेते हुए आयोग ने बिहार में विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता के प्रयास
आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। डुप्लीकेट EPIC नंबर हटाए जा चुके हैं, वहीं मृतक मतदाताओं के नामों को हटाने के लिए सूची को रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के डेटा से जोड़ा गया है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को शामिल करने हेतु विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और उन्हें पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे।
मतदाताओं के लिए नई सुविधाएं
इस बार चुनाव आयोग मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है। प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:
- एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता होंगे (पहले 1500 थे)
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे
- कोई भी मतदाता दो किलोमीटर से अधिक न चले, इसका विशेष ध्यान
- ऊंची इमारतों में भी पोलिंग बूथ की व्यवस्था
- मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने की सुविधा
- वोटर स्लिप पर सीरियल और पार्ट नंबर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में
ECINET: डिजिटल क्रांति की ओर कदम
आयोग ने ECINET नामक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की योजना बनाई है, जो अब तक की 40 से अधिक ऐप्स और पोर्टलों का स्थान लेगा। बिहार चुनाव तक यह प्रणाली पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, दक्ष और सुलभ बनेगी।
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