न्यूज बिहार लाइव | हेल्थ डेस्क
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर घंटों कुर्सी पर बैठे रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैदल चलना और हरकत में रहना दिल की सेहत के लिए कितना ज़रूरी है? मेडिकल साइंस में पिंडलियों (Calf) की मसल्स को “Peripheral Heart” यानी “दूसरा दिल” कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि ये मसल्स शरीर में खून की वापसी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टर्स बताते हैं कि जब हम चलते हैं या कोई हल्की-फुल्की कसरत करते हैं, तो पिंडलियों की मसल्स सिकुड़ती और फैलती हैं। इससे नसों पर दबाव पड़ता है और खून दिल की ओर वापस लौटता है। यही प्रक्रिया “Venous Return” को बेहतर बनाती है, जिससे शरीर में खून का बहाव दुरुस्त रहता है। अगर हम लगातार बैठे रहते हैं, तो नसों में खून जमा हो सकता है, जिससे DVT (Deep Vein Thrombosis) जैसे जानलेवा क्लॉट्स का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 30 मिनट की वॉकिंग, सीढ़ियाँ चढ़ना या हल्की फिजिकल एक्टिविटी न सिर्फ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखती है, बल्कि दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को भी कम करती है।
लंबे समय तक बैठना हो सकता है खतरनाक ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों को हर 1-2 घंटे में उठकर कुछ कदम चलने की सलाह दी जाती है। इससे शरीर में खून की रफ्तार बनी रहती है और थकावट भी कम महसूस होती है।
निष्कर्ष: दिल की सेहत बनाए रखने के लिए महंगे इलाज या भारी एक्सरसाइज की जरूरत नहीं, बस हर दिन कुछ कदम चलना शुरू कीजिए। क्योंकि आपकी पिंडलियों की मसल्स भी आपके दिल का काम कर रही हैं – चुपचाप, लेकिन बेशकीमती तरीके से।
सुझाव:
- हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक करें
- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
- हर घंटे 5-10 मिनट टहलें
- लंबी यात्रा के दौरान बीच-बीच में उठकर चलें
आपका दिल आपका साथ तभी देगा, जब आप उसका साथ देंगे। तो चलना शुरू कीजिए – क्योंकि चलना है तो दिल तक बात पहुँचेगी! ❤️👣
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