राघोपुर संवाददाता
सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने शुक्रवार को राघोपुर अंचल कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का खुलासा करते हुए एक अहम कार्रवाई की। दोपहर करीब दो बजे डीएम कार्यालय पहुंचे और अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया समेत सभी कर्मियों को तत्काल तलब किया। साथ ही राघोपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार को भी मौके पर बुला लिया गया।
डीएम की अचानक कार्रवाई से अंचल और प्रखंड कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जांच के क्रम में राजस्व कर्मचारी नवीन कुमार सिंह को चिन्हित कर डीएम ने थानाध्यक्ष को उसे तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी को हिरासत में ले लिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व कर्मचारी नवीन कुमार सिंह के खिलाफ मूल पंजी-2 और ऑनलाइन पंजी-1 में भूमि विवरण में हेराफेरी की गंभीर शिकायत मिली थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मोतीपुर पंचायत अंतर्गत मौजा मोतीपुर में स्थित 10 कट्ठा सरकारी तालाब (गैरमजुरवा आम खाता) की जमीन को गलत तरीके से एक रैयत सौमित्र कुमार झा के नाम पर दर्ज कर दिया गया था।
इतना ही नहीं, उसी भूमि को बाद में उसके भतीजे के नाम पर खारिज कर दिया गया, जिससे अब संबंधित व्यक्ति उसे अपनी निजी जमीन बताकर दावा कर रहा है। जबकि संबंधित भूमि स्पष्ट रूप से सरकारी है और किसी निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज नहीं की जा सकती। 
सूत्रों के अनुसार, आरोपी राजस्व कर्मचारी को हाल ही में पदोन्नति देकर राजस्व अधिकारी बनाया गया था और उसका स्थानांतरण मधुबनी जिला किया गया था, परंतु वह अभी तक राघोपुर में ही कार्यरत था।
अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने डीएम के निर्देश पर राघोपुर थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
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