राघोपूर(सुपौल)
सुपौल जिले के राघोपूर प्रखंड कार्यालय द्वारा आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले झंडोत्तोलन कार्यक्रम की आधिकारिक समय-सारणी में आंशिक संशोधन किया गया है। संशोधित सूची से एक निजी विद्यालय एवं दो गैर सरकारी संगठनों के नाम हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई वरीय अधिकारियों के निर्देश पर की गई है, ताकि राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में प्रशासनिक निष्पक्षता एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राघोपूर के प्रखंड विकास पदाधिकारी सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 12 जनवरी को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को लेकर प्रखंड कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों के लिए झंडोत्तोलन की समय-सारणी तय की गई थी। बैठक के उपरांत वरीय अधिकारियों द्वारा जब सूची की समीक्षा की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि पूर्व से चली आ रही एक प्रशासनिक त्रुटि के कारण एक निजी विद्यालय और दो गैर सरकारी संगठनों का नाम सरकारी समय-सारणी में शामिल हो गया था, जो नियमसम्मत नहीं है।
बीडीओ ने बताया कि राष्ट्रीय पर्व जैसे गरिमामय अवसर पर सरकारी स्तर से जारी की जाने वाली समय-सारणी में केवल सरकारी कार्यालयों, निकायों एवं विधि-सम्मत संस्थानों का ही नाम शामिल किया जाना चाहिए। निजी विद्यालय या गैर सरकारी संगठनों का नाम शामिल किया जाना प्रशासनिक मर्यादा एवं निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत माना जाता है। इसी आधार पर सूची में आवश्यक सुधार करते हुए संबंधित निजी विद्यालय एवं दोनों एनजीओ के नाम हटा दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधन केवल सूची तक सीमित है। झंडोत्तोलन के समय में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों के लिए पूर्व में निर्धारित समय यथावत रहेगा।

जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन की शुरुआत सुबह 9:05 बजे मुख्य समारोह स्थल प्रखंड कार्यालय राघोपूर से होगी। इसके पश्चात 9:10 बजे नगर पंचायत सिमराही, 9:15 बजे व्यापार मंडल राघोपूर, 9:25 बजे जिला परिषद कार्यालय में झंडोत्तोलन किया जाएगा। विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में निर्धारित समय के अनुसार कार्यक्रम संपन्न होंगे। कार्यक्रम का अंतिम झंडोत्तोलन थाना राघोपूर परिसर में सुबह 11:35 बजे किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि समय-सारणी में निजी विद्यालय एवं गैर सरकारी संगठनों के नाम शामिल किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों तथा निजी विद्यालय संचालकों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इस संबंध में जिलाधिकारी सुपौल सहित अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई थी। शिकायत में कहा गया था कि किसी एक निजी संस्था का नाम सरकारी समय-सारणी में शामिल होना उसके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रचार-प्रसार के समान है, जो प्रशासनिक निष्पक्षता एवं समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की समीक्षा कराई, जिसके बाद प्रखंड कार्यालय को समय-सारणी में आवश्यक संशोधन का निर्देश दिया गया। निर्देश के आलोक में सूची को दुरुस्त करते हुए निजी विद्यालय एवं दोनों एनजीओ के नाम हटा दिए गए।
इस पूरे मामले पर बीडीओ सतेंद्र कुमार यादव ने कहा कि प्रशासन का दायित्व सभी के साथ समान व्यवहार करना और नियमों के अनुसार कार्य करना है। किसी भी निजी संस्था का प्रचार-प्रसार करना प्रशासन के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं है।
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