सुपौल : राघोपुर रेफरल अस्पताल का सीएस ने किया औचक निरीक्षण, कही यह बात

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राघोपुर (सुपौल)।

जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में पहल करते हुए सुपौल जिला के सिविल सर्जन डॉ. बाबू झा ने मंगलवार को रेफरल अस्पताल राघोपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का गहन जायजा लिया तथा वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जानकारी लिया।

निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन ने परिवार नियोजन ऑपरेशन थिएटर, टीकाकरण केंद्र, एनसीडी कक्ष, ईसीजी, विजन सेंटर, डॉक्टर कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, डिलेवरी वार्ड, प्रसव कक्ष, दवा वितरण काउंटर, एक्स-रे कक्ष एवं पैथोलॉजी सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिवार नियोजन से जुड़े मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उपलब्ध सुविधाओं पर फीडबैक भी लिया। जानकारी देते पत्रकारों को डॉ. झा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई तथा अधिकांश डॉक्टर अपने-अपने कार्य पर मौजूद थे। इमरजेंसी वार्ड में चार मरीज भर्ती मिले, जिनका समुचित इलाज किया जा रहा था। वहीं बंध्याकरण ऑपरेशन से जुड़े मरीजों से बातचीत के दौरान किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा व्यवस्थाओं का संचालन संतोषजनक तरीके से किया जा रहा है।
हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ बुनियादी सुविधाओं की कमी भी सामने आई। सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग एवं सरकार को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव का जिक्र करते हुए बताया कि इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले दो महीनों के भीतर यह सेवा प्रारंभ होने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि राघोपुर क्षेत्र से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। ऐसी स्थिति में यहां ट्रामा सेंटर की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि गंभीर रूप से घायल मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज मिल सके।
अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती बरतते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर टीम गठित कर फर्जी संस्थानों की पहचान की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना हो चुकी है और बहुत जल्द सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
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Author: News Bihar Live

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