राघोपुर (सुपौल)।
सुपौल जिला के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन द्वारा होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। एजेंसी संचालकों की मनमानी के कारण उपभोक्ताओं को अब भी गुदाम पर लंबी कतारों में खड़ा होकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है।
गुरुवार को भीषण गर्मी के बीच राघोपुर स्थित गणपति एचपी गैस एजेंसी के गुदाम पर सैकड़ों की संख्या में लोग कतारबद्ध दिखे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह चार बजे से ही लाइन में लगे हैं, इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गुदाम परिसर में जिलाधिकारी के आदेश का पोस्टर चस्पा है, जिसमें स्पष्ट रूप से गोदाम से वितरण बंद कर केवल होम डिलीवरी करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन उसी के नीचे खुलेआम लाइन लगवाकर गैस वितरण किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना साफ झलक रही है।
स्थानीय उपभोक्ताओं में इस व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर होम डिलीवरी सही तरीके से लागू होती, तो उन्हें तपती धूप में घंटों खड़ा नहीं रहना पड़ता। कई लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक जानबूझकर व्यवस्था को सुचारु नहीं कर रहे हैं।
इस संबंध में एजेंसी संचालक वरुण कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि “आदेश का पालन करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उपभोक्ता खुद गुदाम पर पहुंच जा रहे हैं, जिससे स्थिति नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।” उन्होंने बताया कि गुरुवार को चार गाड़ियों से होम डिलीवरी भेजी गई थी, लेकिन वहां भी विवाद की स्थिति बन गई। उनका दावा है कि अगले दो दिनों के भीतर गुदाम से वितरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
बावजूद इसके, सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है और आम उपभोक्ताओं को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
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