राघोपूर (सुपौल)
सुपौल जिले के नगर पंचायत सिमराही में होल्डिंग टैक्स की वसूली को लेकर इन दिनों नगर क्षेत्र में असंतोष का माहौल बना हुआ है। नगर कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश पर नगर की सड़कों के वर्गीकरण के आधार पर होल्डिंग टैक्स की राशि तय कर उसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत नगर कर्मियों द्वारा दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय भवनों की मापी कर क्षेत्रफल के अनुसार टैक्स निर्धारण किया जा रहा है तथा संबंधित लोगों को टैक्स जमा करने के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। बाजार क्षेत्र में टैक्स वसूली शुरू होते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत के गठन को करीब पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नगर जैसी मूलभूत सुविधाएं, जैसे साफ-सफाई, नाला, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था लोगों के लिए ठीक से उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में बिना सुविधाएं दिए होल्डिंग टैक्स की वसूली करना पूरी तरह अनुचित है। लोगों का आरोप है कि इस निर्णय में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी अहम भूमिका है, अन्यथा नगर पंचायत प्रशासन बिना विकास कार्य किए टैक्स वसूली का साहस नहीं करता। इस मामले पर नगर कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली का कहना है कि होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर 25 अप्रैल 2025 को नगर पंचायत सिमराही के मुख्य पार्षद यशोदा देवी की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में होल्डिंग टैक्स वसूली से संबंधित विभागीय निर्देशों को पढ़कर सभी सदस्यों को सुनाया गया था। इसके बाद प्रधान सड़क, मुख्य सड़क एवं अन्य सड़कों का वर्गीकरण कर टैक्स दरों का निर्धारण सर्वसम्मति से किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त बैठक में मुख्य पार्षद के साथ साथ सशक्त स्थाई समिति के सभी सदस्य जिसमें उप मुख्य पार्षद विनीता देवी, वार्ड पार्षद सतीश कुमार, मो. हैयुम एवं उषा देवी उपस्थित थे। बैठक में थोक विक्रेताओं से 7500 रुपया वार्षिक, लघु विक्रेताओं से 2500 रुपया वार्षिक, खुदरा विक्रेताओं से 1500 रुपया वार्षिक, बड़े रेस्टोरेंट से 7500 रुपया वार्षिक, मध्यम रेस्टोरेंट से 5000 रुपया वार्षिक, छोटे रेस्टोरेंट से 3500 रुपया वार्षिक, फुटकर विक्रेताओं से 50 रुपया प्रतिदिन तथा नर्सिंग होम से 7500 रुपया वार्षिक होल्डिंग टैक्स निर्धारित किया गया। इसके अलावा पक्के छतदार आवासीय भवन, अर्धपक्का एवं अन्य आवासीय भवनों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गईं। नगर कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार, उसी बैठक में लिए गए प्रस्ताव के आधार पर वर्तमान में टैक्स वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
इधर, उप मुख्य पार्षद विनीता देवी ने बैठक में विरोध की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि बैठक में ईओ के द्वारा विभाग द्वारा तय दरों को पढ़कर सुनाया गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि जब तक नगरवासियों को बुनियादी नगर सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक टैक्स वसूली उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में मौजूद एक-दो सदस्यों ने जबरन उक्त प्रस्ताव को प्रस्ताव पंजी में दर्ज करवा दिया। फिलहाल, होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर नगर पंचायत सिमराही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ असंतोष गहराता जा रहा है। अब देखना होगा कि जनता के बढ़ते विरोध के बीच नगर प्रशासन इस मुद्दे पर कोई पुनर्विचार करता है या वसूली की प्रक्रिया यूं ही जारी रहती है।
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Author: News Bihar Live
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