LS नीलम कुमारी ने माना—वीडियो में दिख रहा व्यक्ति पति ब्रह्मदेव रजक, तबीयत खराब होने पर कार्यालय में कर रहे थे सहयोग; डीएम के निर्देश पर जांच जारी
सुपौल।
छातापुर प्रखंड के बाल विकास परियोजना कार्यालय (ICDS) से जुड़े वायरल वीडियो मामले में अब एक नया खुलासा सामने आया है। वायरल वीडियो के एक हिस्से में दूसरी लेडी सुपरवाइजर (LS) नीलम कुमारी के पति ब्रह्मदेव रजक कार्यालय के अंदर सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर और मोहर लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी कार्यालय में गैर-सरकारी व्यक्ति की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में काला टी-शर्ट और चश्मा पहने एक व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के साथ काम करते देखा जा सकता है। संबंधित पक्षों के अनुसार वीडियो में दिख रहा व्यक्ति ब्रह्मदेव रजक है, जो LS नीलम कुमारी के पति हैं। वीडियो में उन्हें फाइलों पर हस्ताक्षर करने और मोहर लगाने के साथ कार्यालयी कार्य करते देखा जा रहा है।
LS ने माना– वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उनका पति हैं
मामले में नीलम कुमारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति उनके पति ब्रह्मदेव रजक हैं। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी तबीयत खराब थी, जिसके कारण उनके पति कार्यालय में कुछ कार्यों में सहयोग कर रहे थे। उन्होंने यह भी माना कि पति का कार्यालयी कार्यों में इस तरह शामिल होना उचित नहीं था और इसे गलती बताया।
सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर को लेकर उठे सवाल
वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि किसी सरकारी कर्मी की अनुपस्थिति में उसका परिजन सरकारी कार्यालय की फाइलों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या मोहर लगा सकता है या नहीं। यदि किसी गैर-सरकारी व्यक्ति ने सरकारी अभिलेखों पर आधिकारिक प्रक्रिया के तहत हस्ताक्षर या मोहर लगाई है, तो उसकी वैधानिकता और जवाबदेही भी जांच का विषय बन सकती है।
हालांकि वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति और उसकी वैधानिकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डीएम के निर्देश पर जांच, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
छातापुर की प्रभारी CDPO रंजना कुमारी ने बताया कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों की जांच जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में सामने आए सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। विभागीय स्तर पर तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले 2600 वसूली के आरोप का वीडियो हुआ था वायरल
गौरतलब है कि इसी ICDS कार्यालय से जुड़े वायरल वीडियो में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, टेक होम राशन (THR) वितरण और राशि आवंटन के नाम पर कथित रूप से प्रत्येक केंद्र से 2600 प्रतिमाह वसूली किए जाने का आरोप सामने आया था। संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग दावे किए गए हैं। जिस मामले में सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार ने वाइरल वीडिओ के आधार पर अवैध वसूली करने के आरोप में LS संगीता कुमारी पर कार्यवाई करते हुए फिलहाल उसे छातापुर से हटा कर उसके उपर जांच का आदेश दिए है।
अब उसी प्रकरण से जुड़े वीडियो में LS के पति को सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर और मोहर लगाते दिखाए जाने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। फिलहाल वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रही गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
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