सुपौल : रेफरल अस्पताल राघोपुर के पीछे झाड़ी में मिला नवजात, सुबह 5 बजे रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बचाया

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मरीजों के परिजनों की सूचना पर स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात को निकलवाया, मेडिकल जांच के बाद विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान सुपौल में रखवाया गया।

राघोपुर (सुपौल)

सुपौल जिले के राघोपुर रेफरल अस्पताल परिसर के पीछे शुक्रवार अहले सुबह झाड़ी में एक नवजात बालक मिलने से इलाके में हलचल मच गई। सुबह करीब पांच बजे झाड़ी से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर अस्पताल आए मरीजों के परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा गार्ड को सूचना दी। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की पहल पर नवजात को सुरक्षित बाहर निकलवाया गया। अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत सुपौल भेजा, जहां मेडिकल जांच के बाद उसे विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में सुरक्षित रखा गया।

स्वास्थ्यकर्मियों की पहल पर बचाया गया नवजात

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह अस्पताल परिसर के पीछे झाड़ी से नवजात के रोने की आवाज आ रही थी। आवाज सुनने के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्ड को इसकी जानकारी दी। उस समय डिलीवरी वार्ड में रिंकू झा और माधुरी कुमारी ड्यूटी पर थीं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात को झाड़ी से सुरक्षित निकलवाया और अस्पताल प्रशासन को मामले से अवगत कराया।

सिविल सर्जन की मौजूदगी में चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा

राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम के निर्देश पर नवजात को आगे की देखभाल के लिए सुपौल भेजा गया। अस्पताल में कार्यरत जीएनएम माधुरी कुमारी बच्चे को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचीं। शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा की मौजूदगी में नवजात को चाइल्ड हेल्पलाइन, सुपौल की टीम को सौंपा गया।

इस दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य अफसरी इल्ताफ, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक अभिनंदन कुमार, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की प्रबंधक रिम्पी कुमारी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर प्रीति कुमारी और बसंत कुमार मौजूद थे। इसके बाद टीम नवजात को बाल कल्याण समिति, सुपौल के समक्ष ले गई। समिति के आदेशानुसार बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई और उसे विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, सुपौल में सुरक्षित संरक्षण के लिए रखा गया। मामले की सूचना राघोपुर थाना को भी दी गई।

किसने छोड़ा, इसकी जानकारी नहीं

अस्पताल परिसर के पीछे झाड़ी में नवजात मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चे को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसका पता नहीं चल पाया है। नवजात के परिजनों की पहचान और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल बच्चे को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा गया है। मामले में संबंधित विभागों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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News Bihar Live
Author: News Bihar Live

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