जमीन निबंधन के नाम पर शिक्षक से लाखों रुपये लेने का आरोप, रकम लौटाने और जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत
राघोपुर (सुपौल)।
राघोपुर थाना में जमीन निबंधन के नाम पर कथित रूप से ₹14.51 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में सिमराही निवासी अमित भगत समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले के बाद क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन दिलाने के नाम पर पहले बड़ी राशि ली गई, फिर न तो जमीन का निबंधन कराया गया और न ही पूरी रकम वापस की गई।
प्राथमिकी के अनुसार, प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर निवासी एवं प्राथमिक विद्यालय मलमलिया सुखानगर में कार्यरत शिक्षक श्याम सुंदर मंडल ने आरोप लगाया है कि सिमराही निवासी अमित भगत, उनके भाई अवध बिहारी भगत, बिचौलिया सुगंधी मंडल सहित अन्य ने सुनियोजित तरीके से उन्हें जमीन बेचने का झांसा देकर अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹14.51 लाख ले लिए।
शिकायत में कहा गया है कि बार-बार जमीन का निबंधन कराने की मांग करने पर आरोपित टालमटोल करते रहे। बाद में जमीन देने से साफ इनकार कर दिया और रुपये लौटाने का आश्वासन भी पूरा नहीं किया। पीड़ित का आरोप है कि काफी दबाव बनाने पर केवल ₹1.81 लाख वापस किए गए, जबकि शेष राशि अब तक नहीं लौटाई गई।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि रुपये की मांग करने पर अमित भगत की ओर से जान से मारने, किडनी निकालकर बेच देने जैसी धमकियां दी गईं। पीड़ित ने आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जमीन खरीदने के लिए उन्होंने बैंक से बड़ा ऋण लिया था, जिसकी किस्तें अब भी चुकानी पड़ रही हैं।
बताया जाता है कि इस मामले को लेकर कई बार सामाजिक पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वकालतन नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो जमीन का निबंधन कराया गया और न ही पूरी राशि लौटाई गई। अंततः पीड़ित की शिकायत पर राघोपुर थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक धमकी सहित अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अमित भगत पर पहले से भी कई मामले दर्ज
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी अमित भगत का नाम इससे पहले भी राघोपुर थाना सहित कई थाना में कई मामलें दर्ज है। उसके विरुद्ध कथित रूप से राघोपुर के सिमराही में लॉटरी टिकट बेचने, रुपये के लेन-देन को लेकर मारपीट तथा अन्य आपराधिक मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। वह कई बार जेल की भी हवा खा चूका है। पुलिस इन सभी मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया की पीड़ित के द्वारा दर्ज आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर बीएनएस की धारा 316(2) एवं 318(4) पुराना (आईपीसी की धारा 420) के तहत प्रार्थमिकी दर्ज कर ली गई है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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