लोकल बालू और कम मोटाई में ढलाई कराने का आरोप, बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
राघोपुर (सुपौल)
सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत रामबीशनपुर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से बन रही पीसीसी सड़क निर्माण योजना को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति की 15वीं वित्त आयोग मद से संचालित इस योजना में प्राक्कलन के विपरीत स्थानीय उजला (लोकल) बालू एवं निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मीडिया को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीडिया एवं ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद योजना के अभिकर्ता सह पंचायत सचिव शम्भू पासवान द्वारा निर्माण स्थल पर मौजूद लोकल बालू हटवाकर प्राक्कलन के अनुरूप लाल बालू मंगवाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका कहना है कि जहां पीसीसी सड़क की ढलाई लगभग 8 इंच मोटाई में होनी चाहिए, वहां मात्र 3 से 4 इंच मोटाई में ही ढलाई की जा रही थी। साथ ही निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं थी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि योजना स्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे आम लोगों को योजना की लागत, अवधि और तकनीकी विवरण की जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनके अनुसार सूचना पट्ट के अभाव में निर्माण कार्य की पारदर्शिता और निगरानी प्रभावित होती है।
स्थानीय एवं प्रतिनिधि वार्ड सदस्य शिबेश यादव, जगरनाथ यादव, रामनाथ यादव, राजदेव दास समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री एवं उजला बालू का प्रयोग किया जा रहा था। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद बालू को दिखाते हुए दावा किया कि इसी सामग्री से ढलाई का कार्य कराया जा रहा था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय द्वारा जिन योजनाओं का अभिकर्ता पंचायत सचिव शम्भू पासवान को बनाया जाता है, उनमें गुणवत्ता संबंधी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने राघोपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं सुपौल जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
वहीं, योजना अभिकर्ता सह पंचायत सचिव शम्भू पासवान ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, “ग्रामीण कुछ भी आरोप लगा देते हैं।”
इधर, राघोपुर बीडीओ सतेंद्र कुमार यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब संबंधित कनीय अभियंता (जेई) की उपस्थिति एवं निगरानी में ही निर्माण कार्य कराया जाएगा तथा गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाएगी।
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