रेफरल अस्पताल राघोपुर के लिए 80 से 120 बेड का नया भवन और ट्रामा सेंटर की मांग
राघोपुर (सुपौल)
सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत ने रविवार को नगर पंचायत सिमराही स्थित रेफरल अस्पताल राघोपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों की संख्या, उपलब्ध बेड, साफ-सफाई, आउटसोर्सिंग, दवा वितरण और चिकित्सकों की पदस्थापना सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। सांसद ने अस्पताल परिसर में नए 50 बेड के लिए बने शेल्टर भवन का भी निरीक्षण किया और उसकी जर्जर स्थिति पर चिंता जताई।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने बुके देकर सांसद का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व प्रमुख महेंद्र प्रसाद गुप्ता, अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मी मौजूद थे। सांसद ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों की संख्या, उपलब्ध बेड तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थिति की जानकारी ली।
प्रतिदिन 350 से 500 मरीज पहुंच रहे
मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि निरीक्षण के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 350 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की भीड़ और डॉक्टरों द्वारा बारी-बारी से इलाज किए जाने की स्थिति को देखते हुए अस्पताल की सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का वर्तमान भवन वर्ष 1979 में बना था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसे किसी तरह रिपेयर कर चलाया जा रहा है। ऐसे में यहां एक नया स्थायी भवन बनाने की जरूरत है, जिसमें ओपीडी और इंडोर की व्यवस्था अलग-अलग हो।
करोड़ों की लागत से बना शेल्टर भवन जर्जर
सांसद ने अस्पताल परिसर में बने नए 50 बेड के शेल्टर भवन का निरीक्षण करते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से बना यह भवन कुछ ही समय में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि शेड की दीवारें सड़ने-गलने लगी हैं, छत से पानी टपक रहा है और कई जगह टूट-फूट हो गई है। उन्होंने कहा कि यह स्थायी अस्पताल भवन के बजाय अस्थायी शेल्टर शेड जैसा प्रतीत होता है।
एनएच के कारण ट्रामा सेंटर की जरूरत
सांसद ने कहा कि सिमराही-राघोपुर होकर एनएच-131 और एनएच-27 जैसे दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। इस कारण यहां आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। चारों तरफ से मरीजों के आने के कारण अस्पताल में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इस स्थान पर 50 बेड का नहीं, बल्कि 80 से 120 बेड का अस्पताल होना चाहिए। इसके लिए वे बिहार सरकार को पत्र लिखेंगे। साथ ही, स्थायी अस्पताल भवन और ट्रामा सेंटर की स्थापना की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
सांसद ने कहा कि अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, लेकिन अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इसे दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह करीब दो वर्ष पहले भी यहां आए थे और उम्मीद थी कि इस दौरान अस्पताल के लिए बेहतर भवन बन गया होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर निराशा हुई।
ज्ञापन देकर सड़क, बस स्टैंड और ट्रामा सेंटर की मांग
इस दौरान स्थानीय मयंक गुप्ता, बेद्यनाथ भगत, पार्षद स्मृति कुमारी, उप मुख्य पार्षद विनीता देवी, गुड्डू कुमार, महेंद्र गुप्ता आदि लोगों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। इसमें सिमराही में एनएच-131 से रामनगर रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराने, सिमराही बाजार में बस स्टैंड बनवाने एवं ट्रामा सेंटर खोलने की मांग की गई।
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