पीड़ितों ने CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, मेडिकल व ऑनलाइन भुगतान की जांच कराने की उठाई मांग
राघोपुर (सुपौल)।
राघोपुर थाना में तीन युवकों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल फोन लिए जाने और रुपये लेने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर राघोपुर थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी सौरभ झा, पारस चौधरी एवं सिकेन्द्र पासवान ने वीरपुर SDPO को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ितों ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित कराने समेत मेडिकल एवं ऑनलाइन भुगतान के प्रमाणों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर को करीब 3 बजे दोपहर सौरभ झा अपने दो साथियों पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान के साथ एक मामले के सिलसिले में राघोपुर थाना पहुंचे थे। आरोप है कि थाना के मुख्य गेट के पास थाना में पदस्थापित पिटीसी अभय कुमार ने सौरभ झा के साथ थप्पड़ से मारपीट की। इसके बाद थाना प्रभारी से मिलने की बात कहने पर तीनों को थाना के पीछे स्थित नवनिर्मित मॉडल थाना भवन में ले जाया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि वहां एक कमरे में दरवाजा बंद कर लाठी, जूता और थप्पड़ से मारपीट की गई तथा पटक-पटककर भी पीटा गया। उन्होंने बताया कि मारपीट के दौरान बार-बार यह पूछने के बावजूद कि उनका अपराध क्या है, कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। शिकायत में पिटीसी अभय कुमार, राजू कुमार, सुमन कुमार पासवान, एक चौकीदार सहित अन्य पुलिसकर्मियों के मौजूद रहने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है।
सौरभ झा का आरोप है कि थाना प्रभारी से फोन पर बात करने का प्रयास करने पर मुंशी लव कुमार ने उनका मोबाइल ले लिया। उनके साथ मौजूद दोनों युवकों के मोबाइल भी लिए जाने की बात कही गई है, जिन्हें रात में वापस किया गया।
20 हजार मांगने का भी आरोप
पीड़ितों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की गई और रुपये नहीं देने पर FIR दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई। सौरभ झा के अनुसार, उनके पास मौजूद 2 हजार नकद लिए गए। इसके अलावा थाना के सामने एक कपड़े की दुकान से 500 और एक पान की दुकान से 800 ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया। इस तरह कुल 3,300 लिए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों ने ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट एवं ट्रांजेक्शन प्रमाण उपलब्ध होने की बात कही है।
पीड़ितों के अनुसार, उन्हें करीब शाम 7 बजे छोड़ा गया। इसके बाद तीनों ने 13 सितंबर को रेफरल अस्पताल राघोपुर में चिकित्सा कराई। उनके पास मेडिकल/ओपीडी कागजात तथा चोट से संबंधित फोटो-वीडियो उपलब्ध होने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के दौरान थाना के बाहर मौजूद अभिषेक कुमार ने SP सुपौल एवं छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों की ओर से और मारपीट करने की धमकी दी गई। पीड़ितों ने SDPO से 13 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक थाना परिसर एवं नवनिर्मित मॉडल थाना भवन के CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी एवं GD रिकॉर्ड की जांच करने, मेडिकल कागजात तथा ऑनलाइन भुगतान की जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि उपलब्ध CCTV एवं अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से न्याय सुनिश्चित कराना है।
इस बाबत राघोपुर थाना अध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि मारपीट की घटना की जानकारी मिली है। मंगलवार को मामले में जांच टीम के द्वारा जांच किया जाएगा।
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