सुपौल;
कांग्रेस की बहुचर्चित “पलायन रोको, नौकरी दो” यात्रा आज सुपौल पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ सरकार पर दबाव बनाने का संकल्प लिया। लेकिन यात्रा की शुरुआत से ही एक राजनीतिक चर्चा गर्म हो गई—कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की अनुपस्थिति।
यात्रा में कांग्रेस के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता तो मौजूद रहे, लेकिन बिहार में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाने वाले कन्हैया कुमार के नहीं दिखने से कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच सवाल खड़े हो गए। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह इस अभियान का नेतृत्व करेंगे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने अटकलों को जन्म दिया है।
हालांकि, कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि कन्हैया कुमार दोपहर में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हो सकते हैं। वहीं, यात्रा में भाग ले रहे स्थानीय नेताओं ने बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी और प्रवास के मुद्दे पर जनता को जागरूक करना और सरकार पर दबाव बनाना है। आगामी दिनों में यह यात्रा बिहार के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।





