सुपौल।
प्रधान सचिव, कृषि विभाग बिहार सह प्रभारी सचिव सुपौल श्री नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों के हितों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 51 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और लगभग 5.12 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। वर्तमान में विभिन्न कंपनियों के भंडार में पर्याप्त गैस उपलब्ध है, लेकिन बड़ी संख्या में बुकिंग लंबित है। इस पर प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि नियमित समीक्षा कर शीघ्र वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लग सके। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसका टोल फ्री नंबर 06473-224005 जारी किया गया है।
पीएनजी कनेक्शन की स्थिति शून्य रहने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसियों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी गई कि केवल वाहनों में ही ईंधन दिया जाए, केन या जार में नहीं।
मूल्य नियंत्रण को लेकर प्रखंड स्तर पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। साथ ही मूल्य नियंत्रण कोषांग बनाकर आवश्यक वस्तुओं के दाम पर निगरानी रखी जा रही है।
प्रवासी श्रमिकों को लेकर बताया गया कि श्रमिक ऐप पर 12,546 मजदूर पंजीकृत हैं। पंचायत स्तर पर निगरानी बढ़ाने और समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता को लेकर प्रशासन ने दावा किया कि जिले में पर्याप्त स्टॉक है। दुकानों की नियमित जांच, पीओएस सत्यापन और अनियमितता पर कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक तस्करी रोकने के लिए सघन छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में विभिन्न संस्थानों—दीदी की रसोई, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा विद्यालय, अस्पताल, डेयरी आदि—को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
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