राघोपुर (सुपौल)।
राघोपुर प्रखंड में रसोई गैस की किल्लत अब आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंच गई है, जिससे नौनिहालों को मिलने वाले पोषाहार पर संकट गहराने लगा है। स्थिति बनी रही तो हजारों बच्चों को कुपोषण से बचाने वाली महत्वपूर्ण पोषण योजना प्रभावित हो सकती है।
प्रखंड क्षेत्र में कुल 281 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र पर औसतन 40 बच्चों के हिसाब से प्रतिदिन करीब 11,240 बच्चों के लिए गर्म पोषाहार तैयार किया जाता है। लेकिन गैस की अनुपलब्धता के कारण इन केंद्रों पर भोजन बनाना मुश्किल होता जा रहा है। सेविकाओं के अनुसार, कई केंद्रों पर पहले से ही भोजन व्यवस्था बाधित होने लगी है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे तनाव का असर गैस आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की कमी महसूस की जा रही है। हालांकि सरकार और प्रशासन गैस संकट से इनकार कर रहे हैं और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का दावा कर रहे हैं। सुपौल जिलाधिकारी द्वारा भी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इसके बावजूद जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है। राघोपुर में संचालित आधा दर्जन गैस एजेंसियों जिसमें इंडेन, भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम में से अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों का कनेक्शन गणपति एचपी गैस एजेंसी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एजेंसी पर पहुंचने के बावजूद सेविकाओं को गैस सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है।
इस समस्या से परेशान होकर दर्जनों आंगनबाड़ी सेविकाओं में इंदु राय, पूनम देवी, सरिता देवी, पूर्णिमा कुमारी, आरती कुमारी, अनुराधा कुमारी, नुजहत परवीन, रेणु कुमारी और सुलेखा कुमारी समेत अन्य ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी राघोपुर को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है कि गैस एजेंसी कर्मी यह कहकर सिलेंडर देने से मना कर रहे हैं कि उन्हें उच्चाधिकारियों से आंगनबाड़ी केंद्रों को गैस आपूर्ति नहीं करने का निर्देश है।
सेविकाओं का कहना है कि गैस नहीं मिलने से केंद्रों पर बच्चों के लिए गर्म भोजन, नाश्ता और दूध तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा है। इससे पोषाहार वितरण बाधित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि यह स्थिति जारी रहती है और बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पाता है, तो इसकी जिम्मेदारी उन पर नहीं होगी।
वहीं इस मामले में आपूर्ति पदाधिकारी राघोपुर, अमर शर्मा ने बताया कि आंगनबाड़ी कर्मियों को गैस आपूर्ति के लिए जिला स्तर से लिखित आदेश लाने को कहा गया है। फिलहाल ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला से निर्देश मिलने के बाद ही आंगनबाड़ी केंद्रों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
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