राघोपुर (सुपौल):
गुरुवार शाम एनएच-106 पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद राघोपुर रेफरल अस्पताल में इलाज के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एएनएम की जगह उसका पति ही घायल युवक का इलाज करता नजर आया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रतनपुरा थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के समीप दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में भगवानपुर वार्ड संख्या 11 निवासी 32 वर्षीय मनोज सादा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल को राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इलाज के दौरान एक एएनएम ड्रेस में मौजूद थी, लेकिन उसके साथ एक पुरुष भी सक्रिय रूप से इलाज करता दिखा। बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति एक एएनएम का पति है, जो मरीज के उपचार में सीधे तौर पर शामिल था। इस घटना ने अस्पताल में नियमों के पालन और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी अप्रशिक्षित या अनधिकृत व्यक्ति द्वारा मरीज का इलाज करना पूरी तरह अवैध है। ऐसे में एएनएम के पति द्वारा इलाज किए जाने का मामला सामने आना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने कहा कि शिकायत मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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