बिहार सरकार का बड़ा आदेश: निजी स्कूल मनमानी फीस, यूनिफॉर्म और किताब खरीदने के लिए नहीं कर सकेंगे बाध्य

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पटना बिशेष संवाददाता

शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए नया आदेश जारी किया है। विभाग को लगातार निजी स्कूलों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूली, पुनर्नामांकन शुल्क, यूनिफॉर्म और किताबें निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए दबाव बनाने संबंधी शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर के हस्ताक्षर से विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि निजी विद्यालयों का संचालन व्यवसाय नहीं, बल्कि “No Profit No Loss” सिद्धांत पर समाज सेवा के रूप में किया जाना चाहिए।

आदेश में कहा गया है कि माननीय न्यायालयों ने भी निजी शिक्षण संस्थानों को व्यवसायिक गतिविधियों का केंद्र नहीं माना है।

आदेश की प्रमुख बातें
सभी निजी विद्यालयों को फीस का पूरा विवरण स्कूल के सूचना-पट्ट एवं वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
स्कूल सामान्य परिस्थितियों में फीस वृद्धि नहीं करेंगे। यदि वृद्धि आवश्यक हो तो नियमानुसार प्रक्रिया अपनानी होगी।
पुनर्नामांकन शुल्क एवं अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा।
किताब, कॉपी, पठन-पाठन सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की सूची सार्वजनिक करनी होगी।
अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से किताबें एवं शैक्षणिक सामग्री खरीद सकेंगे।

स्कूल किसी विशेष दुकान या ब्रांड से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
यूनिफॉर्म संबंधी जानकारी भी सूचना-पट्ट एवं वेबसाइट पर प्रदर्शित करनी होगी।
अभिभावक किसी भी दुकान से यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे। विद्यालय किसी निश्चित दुकान से खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे।

स्कूल बार-बार यूनिफॉर्म एवं पाठ्यपुस्तकों का पैटर्न नहीं बदलेंगे।
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अतिरिक्त अध्ययन सामग्री खरीदने का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाएगा।
फीस बकाया रहने पर भी किसी छात्र को कक्षा, परीक्षा या परिणाम से वंचित नहीं किया जा सकेगा, जब तक कि नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी न हो।
बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2019 के तहत अधिक शुल्क वसूली या अन्य शिकायतों के खिलाफ 30 दिनों के भीतर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता अथवा संबद्धता रद्द की जा सकती है। साथ ही संबंधित प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
यह आदेश राज्य के सभी आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है।

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News Bihar Live
Author: News Bihar Live

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