सुपौल : न्याय की गुहार में 10 वर्षीय बेटे के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 7 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा

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डीएम-एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ी रही महिला, सीओ के आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरी

राघोपुर (सुपौल)।

राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही में मंगलवार की सुबह एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। न्याय की मांग को लेकर एक महिला अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ एनएच-27 किनारे ठाकुरबाड़ी के समीप स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने लगी। महिला की मांग थी कि सुपौल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाया जाए तथा उसके पारिवारिक विवाद का समाधान कर उसे न्याय दिलाया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर वह बेटे के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी भी दे रही थी।महिला के टावर पर चढ़ने की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद राघोपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि महिला किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी और बार-बार डीएम तथा एसपी को बुलाने की मांग कर रही थी।महिला की पहचान मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के उदा गांव निवासी स्वर्गीय विनोद दास की पुत्री गुड्डी देवी (40) के रूप में हुई। बताया जाता है कि वह मंगलवार की अहले सुबह करीब चार बजे अपने 10 वर्षीय पुत्र शिव कुमार के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी। पुलिसकर्मियों ने भी टावर पर चढ़कर उसे नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार अपनी मांगों पर अड़ी रही।

सात घंटे तक चलता रहा प्रयास

घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार महिला को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान सड़क किनारे और खेतों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिसकर्मियों ने महिला को उसके बच्चे की सुरक्षा का हवाला देते हुए नीचे उतरने की अपील की, लेकिन वह तब तक तैयार नहीं हुई जब तक उसे न्याय का भरोसा नहीं मिला।करीब सात घंटे बाद राघोपुर की अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने टावर पर मौजूद पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन के माध्यम से महिला से बातचीत की। सीओ ने महिला की पूरी बात सुनी और उसके मामले को संबंधित थाना एवं प्रशासनिक स्तर पर उठाने तथा उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद महिला नीचे उतरने के लिए तैयार हुई। पहले उसके पुत्र को सुरक्षित नीचे उतारा गया, फिर महिला स्वयं टावर से नीचे उतरी। महिला के सुरक्षित उतरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

कम उम्र में हुई थी शादी, पति से विवाद के बाद छोड़ दिया घर

महिला गुड्डी देवी ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने लगभग 12 वर्ष की उम्र में उसकी शादी मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के रेजनी बभगामा निवासी चूल्हाई दास के पुत्र मानकृष दास से कर दी। विवाह के बाद उसे एक पुत्री फूल कुमारी और एक पुत्र शिव कुमार हुए। महिला का आरोप है कि पति के साथ लगातार विवाद और मारपीट होती थी। करीब दस वर्ष पूर्व एक विवाद के बाद वह दोनों बच्चों को लेकर घर छोड़कर दिल्ली चली गई। बाद में वह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित बादशाहपुर में रहने लगी, जहां मजदूरी कर अपने और बच्चों का भरण-पोषण करने लगी।

गुरुग्राम में हुई पहचान, फिर लिव-इन रिलेशन में रहने लगी

गुरुग्राम में रहने के दौरान गुड्डी देवी की पहचान करजाइन थाना क्षेत्र के मोतीपुर पंचायत निवासी लक्ष्मण ठाकुर से हुई, जो वहां नाई की दुकान चलाते थे। बाद में उसकी नजदीकियां लक्ष्मण ठाकुर के पुत्र अमरेंद्र कुमार (28) से बढ़ गईं। महिला का दावा है कि दोनों एक-दूसरे के साथ पति-पत्नी की तरह रहने लगे और कई वर्षों तक लिव-इन रिलेशन में रहे।

महिला के अनुसार करीब चार वर्ष पूर्व लक्ष्मण ठाकुर गांव लौट आए, जबकि अमरेंद्र गुरुग्राम में ही रहकर दुकान चलाता रहा। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध और गहरे हो गए। लेकिन मार्च 2026 में अमरेंद्र भी गांव लौट आया और परिजनों ने उसकी शादी दूसरी लड़की से कर दी। बाद में अमरेंद्र ने अपनी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिन्हें देखकर गुड्डी देवी को अपने साथ धोखा होने का एहसास हुआ।

न्याय की तलाश में भटकती रही महिला

गुड्डी देवी ने बताया कि अप्रैल माह में वह अमरेंद्र के गांव मोतीपुर पहुंची और अपने संबंधों का हवाला देते हुए न्याय की मांग की। उसका आरोप है कि अमरेंद्र के परिजनों ने उसे घर से भगा दिया। इसके बाद उसने करजाइन थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई।

महिला का कहना है कि पिछले कई महीनों से वह सिमराही में किराए के मकान में रह रही थी और लगातार करजाइन थाना तथा अमरेंद्र के गांव का चक्कर लगा रही थी। लेकिन कहीं भी उसकी बात नहीं सुनी गई। इसी से निराश होकर उसने अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने का फैसला किया।

क्या बोले अधिकारी

राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि महिला का विवाद करजाइन थाना क्षेत्र से संबंधित है। उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए करजाइन थाना भेजा जा रहा है।

करजाइन थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी पहले भी मिली थी। उस समय स्थानीय स्तर पर समझौते की बात सामने आई थी। मामले की पुनः जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने कहा कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं। महिला काफी आक्रोशित थी और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। बातचीत कर उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद वह सुरक्षित नीचे उतर गई।

 

घटना को लेकर पूरे दिन सिमराही और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बना रहा। फिलहाल महिला और उसके पुत्र को सुरक्षित प्रशासनिक संरक्षण में रखा गया है तथा मामले की आगे जांच की जा रही है।

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News Bihar Live
Author: News Bihar Live

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