राघोपुर (सुपौल)।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस (पुण्यतिथि) पर मंगलवार को सिमराही नगर स्थित प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सचिन माधोगरिया के आवासीय परिसर में संचालित भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को स्मरण किया।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सचिन माधोगरिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां भारती के महान सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि “एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” के संकल्प को लेकर उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघर्ष किया और इसी संघर्ष में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, डॉ. मुखर्जी का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
जिला मंत्री स्मृति कुमारी ने कहा कि “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष करने वाले डॉ. मुखर्जी का त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा और भारत की अखंडता के लिए संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि बलिदान दिवस के अवसर पर हम सभी उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं।
वहीं नगर अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं
नगर महामंत्री प्रशांत वर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में “दो विधान, दो प्रधान और दो निशान” का मुखर विरोध किया था। साथ ही बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज देश राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ उनकी विचारधारा और पदचिह्नों पर आगे बढ़ रहा है।
मौके पर राजकुमार पोद्दार, रमन झा, प्रणव झा, सुशील कर्ण, पंकज सहित दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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