राघोपुर (सुपौल)
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के गणपतगंज बाजार में शुक्रवार की सुबह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम के आवासीय परिसर स्थित निजी क्लिनिक में कंपाउंडर की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्लिनिक में रखी कुछ प्लास्टिक की कुर्सियां और गमले तोड़ दिए गए। सूचना पर राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया।
जानकारी के अनुसार धरहरा गांव के वार्ड 9 निवासी भूपेंद्र राम का 27 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार राम करीब आठ वर्षों से डॉ. दीप नारायण राम के निजी क्लिनिक में कंपाउंडर का काम करता था। वह पिछले दो दिनों से बीमार था और उसी क्लिनिक में उसका इलाज चल रहा था। गुरुवार की दोपहर तबीयत बिगड़ने पर क्लिनिक में उसे पानी चढ़ाया गया था। इसके बाद वह घर चला गया, जहां शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण शव लेकर गणपतगंज स्थित निजी क्लिनिक पहुंच गए। यहां शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। परिजन डॉ. दीप नारायण राम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।

मृतक के भाई मिथिलेश कुमार ने बताया कि रंजीत पहले से किसी अन्य बीमारी का इलाज दूसरे चिकित्सक से करा रहा था और कुछ दवाएं ले रहा था। पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब होने के बाद डॉ. दीप नारायण राम के क्लिनिक में उसका इलाज कराया जा रहा था। गुरुवार को उसकी स्थिति असामान्य होने पर क्लिनिक में पानी चढ़ाया गया था।
वहीं डॉ. दीप नारायण राम ने बताया कि रंजीत उनकी क्लिनिक में वर्षों से काम करता था। पत्नी को संतान नहीं होने के कारण दोनों का इलाज एक महिला चिकित्सक से चल रहा था और चिकित्सक की सलाह पर रंजीत भी कुछ दवाएं ले रहा था। उनके अनुसार दवा से रिएक्शन होने के बाद उसका उपचार किया गया था। गुरुवार को रंजीत को सुस्त देखकर उन्होंने पटना चलकर इलाज कराने की सलाह दी थी, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उनका दूसरा कंपाउंडर उसे पानी चढ़ा रहा था। वे पटना चले गए और शुक्रवार सुबह रंजीत की मौत की जानकारी मिली।
थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिजनों ने डॉ. दीप नारायण राम से दूरभाष पर बात करने के बाद शव को घर ले गए। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
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