राघोपुर (सुपौल)
राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध बालू खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। खनन माफिया बेखौफ होकर नदियों और खेतिहर जमीनों से बालू की बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहे हैं और ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि से एक ओर जहां सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की उपजाऊ भूमि तेजी से बर्बाद होती जा रही है।
प्रखंड के राम विशनपुर पंचायत स्थित चिलोनी नदी, मोतीपुर पंचायत के बेरदह गांव, देवीपुर के गमहरिया और जहलीपट्टी गांव सहित कई इलाकों में 8 से 10 फीट गहराई तक खुदाई कर बालू निकाला जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खेतों को खोदकर बंजर बनाया जा रहा है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकती है। मंगलवार को देवीपुर पंचायत के जहलीपट्टी गांव के वार्ड संख्या 8 में वेदरह धार के किनारे एक खेत में पोकलेन मशीन से अवैध खनन करते कुछ लोगों को देखा गया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति, जिसने अपना नाम बच्चा पासवान बताया, ने दावा किया कि वहलोग बिना किसी लाइसेंस के खनन कार्य करते है। उसने यह भी बताया कि उनलोगों के द्वारा निकाली गई बालू को 2000 से 2500 रुपये प्रति ट्रॉली की दर से सरकारी योजनाओं में लगे संवेदकों को बेचा जाता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे को चलाने के लिए संबंधित विभागों को हर महीने रकम देकर ‘मैनेज’ किया जाता है, जिससे कार्रवाई से बचा जा सके। पूरे प्रखंड में ‘सेटिंग-गेटिंग’ के तहत यह कारोबार खुलेआम जारी है, लेकिन प्रशासन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है।
स्थानीय लोगों ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से इस पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में खनन निरीक्षक शहवाज अहमद ने कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।
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Author: News Bihar Live
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